मुर्शिदाबाद में मतदान के दौरान हिंसा भड़की काफिले पर पथराव से मचा हड़कंप

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में मतदान के दौरान अचानक हालात बेकाबू हो गए और पूरे इलाके में भारी हिंसा देखने को मिली। तृणमूल कांग्रेस और हुमायूं कबीर के समर्थकों के बीच पोलिंग बूथ के बाहर जबरदस्त झड़प हुई जिसमें लाठी डंडे चले और माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। इस हिंसा ने मतदान प्रक्रिया को बाधित कर दिया और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कई स्थानों पर सुरक्षाबलों को हस्तक्षेप करना पड़ा और भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की गई।
काफिले पर हमला और वाहनों में तोड़फोड़ से बढ़ा तनाव
हिंसा के दौरान हालात और गंभीर तब हो गए जब हुमायूं कबीर के काफिले पर पथराव किया गया। इस हमले में कई वाहनों के शीशे टूट गए और काफिले में शामिल लोगों में अफरा तफरी मच गई। आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हुमायूं कबीर के समर्थकों की गाड़ियों को भी निशाना बनाया और उनमें तोड़फोड़ की। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई और सड़क पर खुलेआम हिंसा का माहौल बन गया। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि यह सब सुनियोजित तरीके से किया गया ताकि मतदान प्रक्रिया को प्रभावित किया जा सके।

पहले भी भड़क चुकी थी हिंसा सुरक्षा बलों ने संभाला मोर्चा
यह पहली बार नहीं था जब मुर्शिदाबाद में इस तरह की झड़प हुई हो। इससे पहले भी टीएमसी और हुमायूं कबीर के समर्थकों के बीच टकराव की खबरें सामने आ चुकी थीं। ताजा घटना के दौरान सुरक्षाकर्मियों के साथ भी धक्का मुक्की की स्थिति बन गई जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों को मौके पर तैनात कर हालात नियंत्रित करने की कोशिश की गई। भागीरथपुर क्षेत्र में सेंट्रल फोर्स ने भीड़ को तितर बितर किया लेकिन दोनों पक्षों की ओर से सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन जारी रहा जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ।
बम विस्फोट के बाद बढ़ा तनाव और कई जिलों में हिंसा
इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में एक रात पहले नाओदा में हुए बम विस्फोट को भी बड़ा कारण माना जा रहा है। इस घटना के बाद इलाके में पहले से ही तनाव का माहौल बना हुआ था। हुमायूं कबीर जब प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे तो उनके पहुंचते ही हालात और बिगड़ गए और दोनों पक्षों के बीच फिर से झड़प शुरू हो गई। वहीं बंगाल के अन्य जिलों जैसे सिलीगुड़ी और आसनसोल में भी मतदान के दौरान तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली जहां बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प और बहस की घटनाएं सामने आईं। पूरे राज्य में पहले चरण के मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद कई जगह हिंसा की घटनाओं ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।